सोशल मीडिया क्या है: विशेषता, स्वरूप, फायदे, इतिहास एवं नुकसान आदि

नमस्कार दोस्तों, कैसे हो आप सब आज हमारे द्वारा Social Media Kya Hai के बारे में जानकारियों को इकट्ठा करके शुरुआत से विकसित तक सरल अपडेट इस पेज में किया गया है.

एक ऐसा प्लेटफार्म जहाँ लोगों के साथ आपस में संपर्क सोशल मीडिया क्या है फोटोज साझा करने जैसे सूचनाओं का आदान प्रदान आदि का कार्य सम्भव है.

अगर आप सचमुच सोशल मीडिया के बारे में ज्ञानकोश पढ़ना चाहते है तो आपको इस लेख को पूरी बने रहें क्योंकि यहाँ अधिक विवरण उपलब्ध कराया गया है.

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सोशल मीडिया क्या है:-

हिंदी में सामाजिक संचार माध्यम अवगत होने के लिए आपको नीचे दिए गए अक्सर पूछे जाने वाले What is Social media की विस्तृत ताज़ा प्रवीणता अवलोकन करना होगा.

सोशल मीडिया का महत्व?

सोशल मीडिया का महत्व इसके जरिए हम मैसेजिंग सर्विस एप पर हजारों मील दूर बैठे व्यक्ति से जुड़ सकते हैं. वहीं, मोबाइल के एक बटन को दबाने पर आप पूरी दुनिया से जुड़ सकते हैं. आप सोशल मीडिया पर भी अपने ब्रांड का प्रचार कर सकते हैं.

सोशल मीडिया क्या है (What Is Social Media)?

सोशल मीडिया इंटरनेट या अन्य माध्यमों से पारस्परिक संबंधों के लिए बनाए गए आभासी समूहों को संदर्भित करता है. यह व्यक्तियों और समुदायों की साझेदारी, भागीदारी का एक माध्यम है. इसके उपयोग को मोबाइल और वेब आधारित प्रौद्योगिकियों के उपयोग के रूप में भी देखा जा सकता है ताकि सामाजिक संपर्क के अलावा उपयोगकर्ता सामग्री के संशोधन के लिए एक अत्यधिक संवादात्मक मंच तैयार किया जा सके.

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सोशल मीडिया की विशेषता बताइए?

सोशल मीडिया कई मायनों में अन्य पारंपरिक और सामाजिक तरीकों से काफी अलग है. इसमें अभिगम्यता, आवृत्ति, प्रयोज्यता, ताजगी और स्थायित्व जैसे तत्व शामिल हैं. इंटरनेट के उपयोग के कई प्रभाव हैं. नीलसन के अनुसार, “इंटरनेट उपयोगकर्ता अन्य साइटों की तुलना में अधिक सोशल मीडिया हैं”. साइटों पर अधिक समय रहना.

दुनिया में दो तरह की सभ्यता का दौर शुरू हो गया है, आभासी और भौतिक सभ्यता. आने वाले समय में जल्द ही दुनिया की दो-तीन गुना आबादी इंटरनेट पर होगी. दरअसल, इंटरनेट एक ऐसी तकनीक के रूप में हमारे सामने आया है, जो सभी के लिए उपलब्ध है और उपयोग के लिए सार्वभौमिक रूप से उपलब्ध है.

सोशल नेटवर्किंग साइट्स संचार और सूचना के शक्तिशाली साधन हैं, जिसके माध्यम से लोग बिना किसी रोक-टोक के अपनी बात रख सकते हैं. इससे सोशल मीडिया की प्रकृति विकसित हुई है.

सोशल मीडिया का व्यापारिक उपयोग?

जन सामान्य तक पहुँच होने के कारण सामाजिक मीडिया को लोगों तक विज्ञापन पहुँचाने के सबसे अच्छा जरिया समझा जाता है. हाल ही के कुछ एक सालो में इंडस्ट्री में ऐसी क्रांति देखी जा रही है. फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर उपभोक्ताओं का वर्गीकरण विभिन्न मानकों के अनुसार किया जाता है जिसमें उनकी आयु, रूचि, लिंग, गतिविधियों आदि को ध्यान में रखते हुए उसके अनुरूप विज्ञापन दिखाए जाते हैं.

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सोशल मीडिया के फायदे?

सोशल मीडिया के निम्न (क्या-क्या) फायदे हैं:-

सहारा लेने की जगह.
सामाजिक हित के लिए. प्रचार.
सकारात्मक.
एक डिजिटल पदचिह्न. विकसित करें.
वर्ल्ड वाइड कनेक्शन और समझ.
संचार और तकनीकी. कौशल विकसित करना.
रिश्तों को मजबूत करें.

सोशल मीडिया का का अर्थ?

सोशल मीडिया का अर्थ / मतलब है कि लोगों को सोशल Communication के जरिए एक दूसरे से जुड़ना है.

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सोशल मीडिया के स्वरूप क्या है (What is The Nature of Social Media)?

सोशल मीडिया के कई रूप हैं जिनमें इंटरनेट फोरम, वेबलॉग, सोशल ब्लॉग, माइक्रोब्लॉगिंग, विकी, सोशल नेटवर्क, पॉडकास्ट, फोटोग्राफ, चित्र, मूवी आदि शामिल हैं। सोशल मीडिया के लिए उनकी सेवाओं के अनुसार कई संचार तकनीकें उपलब्ध हैं. उदाहरण के लिए-

सहयोगात्मक परियोजना (जैसे, विकिपीडिया)
ब्लॉग और माइक्रोब्लॉग (उदाहरण के लिए, ट्विटर)
सोशल न्यूज नेटवर्किंग साइट्स (जैसे डिग और लेकनेट)
सामग्री समुदाय (उदाहरण के लिए, YouTube और डेली मोशन)
सोशल नेटवर्किंग साइट्स (उदाहरण के लिए, फेसबुक)
आभासी खेल की दुनिया (जैसे, Warcraft की दुनिया)
आभासी सामाजिक दुनिया (जैसे दूसरा जीवन)

सोशल मीडिया को हिंदी में क्या कहते हैं?

Social Media का हिंदी अनुवाद सामाजिक साधन होता है.

सोशल मीडिया के दुष्प्रभाव पर स्लोगन?

हमें युवा पीढ़ी के साथ इंटरनेट पर गोपनीयता और सुरक्षा, सीमित मात्रा में सोशल मीडिया का उपयोग, संवेदनशील जानकारी साझा न करने जैसे विषयों पर संवाद करना चाहिए.

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सोशल मीडिया का इतिहास?

पहला सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म सिक्सडिग्री 1997 में दुनिया भर में लॉन्च किया गया था. इसकी स्थापना एंड्रयू वेनरिच ने की थी. वहीं साल 2001 में इसके दस लाख से ज्यादा यूजर्स होने के बाद इसे बंद कर दिया गया था. आज के तेजी से बदलते समय में सोशल मीडिया के माध्यम भी बदल रहे हैं और लोगों के बीच बहुत तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं.

सोशल मीडिया के नुकसान?

सोशल मीडिया के पांच सबसे प्रभावित नुकसान:

1. अक्सर मौत का कारण सोशल मीडिया भी होता है.
2. सोशल मीडिया हैकिंग.
3. सोशल मीडिया के अत्यधिक उपयोग से मोबाइल की लत लगना.
4. सोशल मीडिया की वजह से लोग अपना काफी समय बर्बाद करते हैं.
5. धोखाधड़ी की शिकायत सोशल मीडिया पर बहुत होती है.

सामाजिक संचार-माध्यम और हिन्दी:-

जब भारत में इंटरनेट का प्रसार शुरू हुआ, तो यह आशंका थी कि कंप्यूटर के कारण, अंग्रेजी फिर से देश पर हावी हो जाएगी. लेकिन यह धारणा निराधार साबित हुई है और आज हिंदी वेबसाइट और ब्लॉग न केवल अंधाधुंध चल रहे हैं बल्कि देश के साथ-साथ विदेशों में भी लोग सूचनाओं का आदान-प्रदान कर रहे हैं और उन पर चैट कर रहे हैं.

इस तरह इंटरनेट ने भी हिंदी के प्रसार में मदद करना शुरू कर दिया है. हिंदी आज सोशल मीडिया में विभिन्न रूपों में विकसित हो रही है. हिंदी को सोशल मीडिया में वैश्विक मंच मिल गया है, जिसके कारण पूरी दुनिया में हिंदी का झंडा लहराया जा रहा है. आज, फेसबुक, ट्विटर, व्हाट्सएप पर अंग्रेजी में लिखे गए पोस्ट या टिप्पणियों की भीड़ में, हिंदी में लिखी गई पोस्ट या टिप्पणियां अधिक उपयोगकर्ताओं को आकर्षित करती हैं.

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सोशल मीडिया में हिंदी भाषा के प्रभुत्व का मुख्य कारण यह है कि हिंदी भाषा अभिव्यक्ति का एक शक्तिशाली और वैज्ञानिक माध्यम है. संबंधित पोस्ट के भावों को समझने में दुख नहीं होता. जो लिखा जाता है वह पाठक तक उसी अर्थ में पहुंचता है जैसे लिखा जाता है.

सोशल मीडिया पर हिंदी का ग्राफ दिन-ब-दिन चौगुना आसमान छू रहा है. यह हिन्दी भाषा की सहजता, सरलता और समृद्धि का प्रतीक है.

हिन्दी भाषा के इस सोशल मीडिया ने अपनी शक्ति से सरकारों का ध्यान उनके निर्णयों, नीतियों और व्यवहारों की ओर आकर्षित किया है. इन मंचों पर सार्वजनिक प्रवचन की गुणवत्ता बढ़ी है और हिंदी भाषा में लोगों के स्तर में सुधार हुआ है.

यूट्यूब पर भी हिंदी भाषा फल-फूल रही है.

एक रिपोर्ट के अनुसार, 2021 तक स्थानीय भाषा का इंटरनेट यूजर बेस अंग्रेजी भाषा के डिजिटल यूजर्स को पछाड़ देगा और सोशल मीडिया इस बदलाव का नेतृत्व करेगा.

सोशल मीडिया का समालोचना:-

विभिन्न प्लेटफार्मों के उपयोग में आसानी, उनकी दक्षता, उपलब्ध जानकारी की विश्वसनीयता के आधार पर सोशल मीडिया की आलोचना की गई है. हालांकि कुछ प्लेटफॉर्म अपने यूजर्स को एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म पर कम्युनिकेट करने की सुविधा देते हैं, लेकिन कई प्लेटफॉर्म अपने यूजर्स को ऐसी सुविधा नहीं देते हैं, जो आलोचना का केंद्र बन गया है. वहीं सोशल मीडिया साइट्स के बढ़ने के कई नुकसान भी हैं.

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ये साइटें ऑनलाइन शोषण का जरिया भी बनती जा रही हैं. ऐसे कई मामले दर्ज किए गए हैं जिनमें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल लोगों को सामाजिक रूप से नुकसान पहुंचाने, उन्हें खींचने और अन्य गलत प्रथाओं के लिए किया गया था.

सोशल मीडिया के व्यापक विस्तार के साथ-साथ इसके कई नकारात्मक पहलू भी सामने आ रहे हैं. पिछले साल मेरठ की एक घटना ने सोशल मीडिया के खतरनाक पक्ष को उजागर कर दिया. घटना यह हुई कि किशोरी ने फेसबुक पर एक तस्वीर अपलोड कर दी जो बेहद आपत्तिजनक थी, इस तस्वीर के अपलोड होने के चंद घंटों के भीतर ही एक समुदाय के सैकड़ों गुस्साए लोग सड़कों पर निकल आए.

जब तक प्रशासन समझ पाता कि माजरा क्या है, मेरठ में दंगे की स्थिति बन चुकी थी. प्रशासन ने स्थिति को बिगड़ने नहीं दिया और जल्द ही फोटो अपलोड करने वाले तक भी पहुंच गई. लोगों का मानना ​​है कि नए सोशल मीडिया के इस दौर का आपत्तिजनक व्यवहार पारंपरिक मीडिया के आपत्तिजनक व्यवहार की तुलना में कई मायनों में अलग है.

जबकि भ्रम को नए सोशल मीडिया के माध्यम से आसानी से फैलाया जा सकता है, यह लगभग गुमनाम रूप से भी किया जा सकता है। हालांकि यह सच नहीं है, अगर प्रयास किए जाएं तो सोशल मीडिया पर अपमानजनक व्यवहार करने वाले व्यक्ति को पकड़ा जा सकता है और इन घटनाओं की पुनरावृत्ति को भी रोका जा सकता है.

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उस किशोरी की मेरठ से ही नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर ही गिरफ्तारी है कि लंदन दंगों में शामिल कई लोगों को वहां की पुलिस ने पकड़ लिया और उनके खिलाफ मामले भी दर्ज किए गए.

ऐसे और भी कई उदाहरण हैं जैसे बांकुरा दंगों के कई महत्वपूर्ण सुरागों में सोशल मीडिया ने बड़ी भूमिका निभाई. मिस्र की तहरीर चेक और ट्यूनीशिया की जैस्मीन क्रांति में इस सोशल मीडिया की अहम भूमिका को कैसे नकारा जा सकता है.

इसके विज्ञापनों के लिए सोशल मीडिया की भी आलोचना की जाती है. इस पर विज्ञापनों की भरमार उपभोक्ता को गुमराह करती है और ऐसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक स्टैंड-अलोन संगठन के रूप में काम करते हैं और विज्ञापनों के लिए कोई जिम्मेदारी नहीं लेते हैं जो बहुत ही समस्याग्रस्त है.

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