कंप्यूटर साइंस क्या है इन हिंदी | कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग सैलरी

कंप्यूटर साइंस एक ऐसा कोर्स है जिसके माध्यम से हम कंप्यूटर से जुड़े सभी जानकारी का अध्यन कर सकते है. यदि आप कंप्यूटर साइंस क्या है कि जानकारी ढूंढ रहे है तो यह आर्टिकल आपके लिए बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण हो सकता है. इस ब्लॉग के अंतर्गत आप कंप्यूटर साइंस के और भी अन्य जानकारी प्राप्त कर विकिकोश भी पढ़ सकते है.

इस कोर्स के अंतर्गत आप कंप्यूटर प्रोग्रामिंग और इसकी बेसिक इनफार्मेशन, नेटवर्किंग के बेसिक एलिमेंट्स आदि के बारे में अध्यन करेंगे. कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग करने वाले स्टूडेंट को कंप्यूटर सिस्टम जैसे कि सॉफ्टवेर के सम्बन्ध में जानकारी, हार्डवेयर, सिस्टम की डिजाइनिंग, तर्क डेटा संरचना, मैनेजमेंट, प्रोग्रामिंग भाषा आदि के बारे में पढ़ाएंगे.

कंप्यूटर साइंस के माध्यम से हम केवल कंप्यूटर साइंस के विषय में जानकारी एकत्र करने या कंप्यूटर साइंस के विषय का अध्यन के बारे में नहीं है परन्तु कंप्यूटर साइंस की सहायता से कंप्यूटर से संबंधित जानकारी का अध्ययन करके हम अपने जीवन में आने वाली समस्याओं का समाधान भी खोज सकते हैं. आज की डेट में कंप्यूटर का योगदान बहुत ज्यादा बढ़ गया है.

बैंकिंग, शेयर बाजार, स्कूल, कार्यालय, विश्वविद्यालय, शोध कार्य, गहन अध्ययन आदि जैसे हर क्षेत्र में आज आप कंप्यूटर का उपयोग देख सकते हैं. आज की पोस्ट में हम आपको यह जानकारी प्रदान कर रहे हैं कि कंप्यूटर साइंस क्या है. इसमें करियर जॉब की क्या संभावनाएं हैं. आदि इन सभी की जानकारी आपको इस पेज से प्राप्त हो जाएगी इसके लिए आप नीचे अवलोकन करे और ध्यानपूर्वक रीड करे.

कंप्यूटर साइंस क्या है:-

कंप्यूटर साइंस दूसरे का विज्ञान है, जिसमें हम कंप्यूटर से संबंधित विषयों के बारे में अध्ययन करते हैं. जिसे आमतौर पर सीएस या कंप्यूटर साइंस भी कहा जाता है. इसके अंतर्गत हम कंप्यूटर प्रौद्योगिकी का अध्ययन करते हैं जिसमें हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर दोनों प्रकार के घटकों का अध्ययन किया जाता है. इसके अलावा, हम कंप्यूटर विज्ञान की जानकारी यानी डेटा के साथ-साथ विभिन्न प्रोग्रामिंग भाषाओं के बारे में भी अध्ययन करते हैं

एक प्रकार से कंप्यूटर साइंस की सहायता से हम एल्गोरिथम का उपयोग करने में सक्षम होते हैं, जिसके कारण डिजिटल सूचनाओं में हेरफेर करना, संचार करना और डिजिटल सूचनाओं को संग्रहीत करना संभव हो गया है. कंप्यूटर विज्ञान के सबसे बड़े पहलुओं में से एक समस्याओं का समाधान खोजना है.

कंप्यूटर साइंस की मदद से हम व्यापार, प्रयोग और शोध, यहां तक ​​कि सामाजिक समस्याओं के समाधान खोजने की कोशिश करते हैं. जैसा कि व्यापार के क्षेत्र में होता है, हम विभिन्न प्रकार के सॉफ्टवेयर का उपयोग करते हैं, ताकि हम अपनी बिक्री और मुनाफे का हिसाब रख सकें. यह कंप्यूटर विज्ञान की मदद से ही संभव हो पाया है.

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कंप्यूटर साइंस में क्या होता है:-

वास्तव में, कंप्यूटर विज्ञान की उपस्थिति के साथ, हम उस एल्गोरिथम का उपयोग करने में सक्षम हैं, जिसके द्वारा डिजिटल जानकारी में हेरफेर, संचार और भंडारण करना संभव हो गया है। सीएस का सबसे महत्वपूर्ण पहलू समस्या समाधान है.

कंप्यूटर साइंस में करियर कैसे बनाये:-

कंप्यूटर साइंस में आप करियर बनाने कि सोच रहे है और आप उलझन में है तो आप अपने आप से यह सवाल पूछने चाहिए कि कंप्यूटर या तकनीक के बारे में कौन सा हिस्सा मुझे उत्साहित करता है यदि आप कंप्यूटर के सैद्धांतिक पक्ष में जाना चाहते हैं, तो आप कंप्यूटर अनुसंधान के क्षेत्र में आगे बढ़ सकते हैं.

वही अगर आपको कंप्यूटर साइंस का प्रैक्टिकल पार्ट पसंद है तो आप कंप्यूटर डेवलपमेंट के क्षेत्र में शिक्षा लेना शुरू कर सकते हैं. नीचे कंप्यूटर विज्ञान के उन क्षेत्रों के बारे में जानकारी दी गई है, जिनमें आप अपना करियर शुरू कर सकते हैं.

सैद्धांतिक कंप्यूटर विज्ञान

कंप्यूटर साइंस का सैद्धांतिक पक्ष अक्सर अत्यधिक गणितीय होता है. हम इसे कंप्यूटर साइंस और गणित का एक उपसमुच्चय भी कह सकते हैं, जो कंप्यूटिंग के अधिक गणितीय विषयों पर केंद्रित है. इसमें गणना का सिद्धांत शामिल है.

कंप्यूटर साइंस के इस क्षेत्र में कई विषय शामिल हैं, जैसे – एल्गोरिदम, डेटा संरचनाएं, कम्प्यूटेशनल जटिलता, समानांतर और वितरित गणना, संभाव्य गणना, क्वांटम गणना, ऑटोमेटा सिद्धांत, सूचना सिद्धांत, क्रिप्टोग्राफी, मशीन लर्निंग और कम्प्यूटेशनल नंबर सिद्धांत, आदि. इस क्षेत्र में काम अक्सर गणितीय तकनीक और कठोरता पर जोर देता है.

हार्डवेयर

कंप्यूटर साइंस का यह क्षेत्र कंप्यूटर हार्डवेयर विकास के बारे में है. हार्डवेयर के बारे में जानकारी हम आपको पहले ही दे चुके हैं. इसके अंतर्गत कंप्यूटर हार्डवेयर के विकास से संबंधित विषयों को शामिल किया जाता है. एक कंप्यूटर हार्डवेयर इंजीनियर, कंप्यूटर सिस्टम और उनके घटकों के बारे में शोध करता है, उनकी डिजाइन, विकास और परीक्षण प्रक्रिया करता है.

सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग और सिस्टम

सॉफ्टवेयर के डिजाइन और क्रियान्वयन से संबंधित कार्य सॉफ्टवेयर इंजीनियर के अंतर्गत आता है. इसमें उपयोगकर्ता की आवश्यकताओं का विश्लेषण करके सॉफ्टवेयर डिजाइन, निर्माण और अंतिम उपयोगकर्ता अनुप्रयोगों का परीक्षण करने की प्रक्रिया शामिल है. यह सब विभिन्न प्रकार की प्रोग्रामिंग भाषा का उपयोग करके किया जाता है.

सिस्टम बहुत सारे संसाधनों का उपयोग करने वाले कार्यक्रमों के साथ संक्षेप में काम करता है और उन संसाधनों के उपयोग की रूपरेखा तैयार करता है. सिस्टम के इन कार्यों में ऑपरेटिंग सिस्टम, डेटाबेस और वितरित कंप्यूटिंग शामिल हैं. सिस्टम वर्क अत्यधिक व्यावहारिक है और कार्यान्वयन और समझ पर केंद्रित है. डेटाबेस का डिजाइन, कार्यान्वयन और प्रोफाइलिंग सिस्टम प्रोग्रामिंग का एक प्रमुख हिस्सा है.

प्रोग्रामिंग भाषा

सॉफ्टवेयर प्रोग्राम लिखने की प्रक्रिया प्रोग्रामिंग भाषा के माध्यम से ही की जाती है. इसके तहत आपको कई तरह की प्रोग्रामिंग लैंग्वेज का अध्ययन करना होता है, जिससे आप नए कंप्यूटर सॉफ्टवेयर बना सकते हैं. एक कंप्यूटर प्रोग्रामर को प्रोग्रामिंग लैंग्वेज (पायथन, जावास्क्रिप्ट, सी लैंग्वेज, सी ++, पीएचपी, जावा आदि) का बेहतर ज्ञान होता है. इसके अलावा प्रोग्रामर पहले से मौजूद सॉफ्टवेयर प्रोग्राम का परीक्षण करते हैं और उसमें मौजूद त्रुटियों को भी ठीक करते हैं.

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कंप्यूटर साइंस कोर्सेस:-

यू तो कंप्यूटर साइंस का कोर्स बहुत सारा है जिनसे से आप कोई भी एक कर सकते है आप चाहे तो इस कोर्स को ऑनलाइन या किसी संस्थान से कर सकते है कंप्यूटर से सम्बंधित कोर्स नीचे डी गयी है.

  • स्नातक कोर्स (Degree course in Computer Science)
  • डिप्लोमा कोर्स कंप्यूटर साइंस में (Diploma course in computer science)
  • Certificate course in computer science

स्नातक कोर्स:-

सबसे पहले आपके पास तो स्नातक की कोर्स करने के लिए 12वी तक की पढाई पूर्ण होनी चाहिए. सीधे शब्दों में कहें तो 12वीं के बाद आप कंप्यूटर से संबंधित किसी भी अंडरग्रेजुएट कोर्स में दाखिला ले सकते हैं. इसके अलावा पोस्ट ग्रेजुएट, डॉक्टरेट कोर्स आदि भी मौजूद हैं.

अगर आप रिसर्च के क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहते हैं तो आप पोस्ट ग्रेजुएट और फिर डॉक्टरेट डिग्री कोर्स के लिए अप्लाई कर सकते हैं. कंप्यूटर साइंस में बैचलर डिग्री 3 साल की होती है. वही पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री में 2 से 5 साल लग सकते हैं. जबकि कहीं न कहीं आपको 5 साल में स्नातक की डिग्री मिल जाती है. भारत में कई विश्वविद्यालय हैं जो इन पाठ्यक्रमों के लिए प्रवेश प्रदान करते हैं.

डिप्लोमा कोर्स कंप्यूटर साइंस में:-

डिप्लोमा कंप्यूटर कोर्स लगभग 2 से 3 साल या 6 महीने का हो सकता है. इनमें आप पॉलिटेक्निक कॉलेज या किसी संस्थान या ऑनलाइन सर्टिफिकेट डिप्लोमा कोर्स के जरिए दाखिला ले सकते हैं.

डिप्लोमा कोर्स में एडमिशन लेने के लिए आपके पास 10वीं पास का सर्टिफिकेट होना जरूरी है. तभी आप डिप्लोमा कोर्स के लिए अप्लाई कर पाएंगे.

कंप्यूटर साइंस में सर्टिफिकेट कोर्स:-

मै आपको बता दू कि सर्टिफिकेट कोर्स 3 महीने से लेकर 6 महीने या 1 साल तक का होता है. कुछ कोर्स 2 साल की अवधि के होते हैं. इस तरह के कोर्स में एडमिशन लेने के लिए अलग-अलग कोर्स के लिए अलग-अलग मापदंड बनाए गए हैं. कुछ सर्टिफिकेट कोर्स के लिए आपको सिर्फ 10वीं पास करनी होती है. तो कुछ सर्टिफिकेट कोर्स के लिए 10+2 यानी 12वीं पास होना जरूरी है.

कंप्यूटर साइंस में पढाए जाने वाले विषय:-

कंप्यूटर साइंस के अंतर्गत निम्नलिखित विषय के बारे में अध्यन कराया जाता है

  • ऑपरेटिंग सिस्टम
  • कंप्यूटर आर्किटेक्चर
  • डेटाबेस डेटाबेस और सूचना प्रणाली
  • डेटा संरचना और एल्गोरिथ्म
  • असतत संरचनाएं
  • वेब प्रौद्योगिकी
  • कलन विधि
  • वेब प्रौद्योगिकी
  • प्रोग्रामिंग भाषा
  • बड़ा डेटा विश्लेषण
  • ई कॉमर्स
  • मशीन लर्निंग / आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस
  • बायोइनफॉरमैटिक्स
  • ग्राफिक्स और ऑडियो डिजाइन

करियर और जॉब इन कंप्यूटर साइंस:-

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अब हम बात करते है कि कंप्यूटर साइंस के अध्यन करने पर आपको किस प्रकार की नौकरी मिल सकती है कंप्यूटर साइंस से स्नातक कोई भी छात्र निम्नलिखित पदों के लिए आवेदन कर सकता है या नौकरी प्राप्त कर सकता है.

  • कंप्यूटर हार्डवेयर इंजीनियर
  • सॉफ्टवेयर डेवलपर
  • डेटाबेस व्यवस्थापक
  • वेब डेवलपर
  • कंप्यूटर विश्लेषणात्मक
  • सूचना सुरक्षा विश्लेषक
  • कंप्यूटर नेटवर्क आर्किटेक्ट
  • कंप्यूटर और सूचना

कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग सैलरी:-

कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग सैलरी की बात करे तो यह एक ऐसा फील्ड जिससे हम अच्छा खासा सैलेरी प्राप्त कर सकते है एक फ्रेशर के तौर पर, आप भारत में अपनी करियर की शुरवात में 2 से 3 लाख प्रतिवर्ष सैलरी पैकेज कि उम्मीद कर सकते है.

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